बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए - बी. आर. अम्बेडकर

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बल्ब का खरगोश



अगर घर पर एक सुन्दर खरगोश बनाना चाहते हो तो यह आजमाओ।
तुम्हें चाहिए : फ्यूज बल्ब, रुई, गोंद, काली मिर्च के दाने, कैंची, कुछ बिन्दियां। एक बल्ब लेकर उस पर पूरी तरह रूई चिपकाओ। उसका कोई हिस्सा खुला नहीं रहना चाहिये। खरगोश के मुंह की ओर थोड़ी ज्यादा रुई चिपकाओ। इसके बाद रूई के दो टुकड़ों को कैंची की मदद से खरगोश के कानों के आकार में काटो। इन कानों को खरगोश के सिर पर चिपका दो। इसके बाद खरगोश के पैरों की जगह पर चार रुई के गोले चिपकाओ। एक गोला पूंछ की जगह भी चिपकाओ।

अगर खरगोश की मूंछे बनानी हैं तो मुंह के आगे झाड़ू की पतली सींके या रेशे चिपका दो। आंखों के लिये दो काली मिर्च के दाने चिपकाने होंगे। मुंह की जगह काले या लाल कागज से या फिर एक बड़ी बिन्दी से चन्द्र का आकार काट कर चिपका दो। तुम्हारा खूबसूरत, प्यारा सा खरगोश तैयार है।

लेखकः साक्षी खन्ना, चित्र शिनोद ए.पी.

पानी पर तैरती सुई



हमारी आम धरणा यह है कि लोहे जैसी धातुएं पानी में हमेशा डूब जाती हैं, लोहे के जहाज का पानी में तैरने का कारण उसका विशेष आकार है। लेकिन क्या जिसमें हवा उसे तैराने में अपनी भूमिका निभाती है। लेकिन क्या एक सुई पानी पर तैरेगी? डालकर देखो, वह फौरन डूब जाएगी, क्योंकि आर्कमिडीज़ के सिद्धान्त के अनुसार सुई का वजन उसके द्वारा हटाए गए पानी के वजन से ज्यादा है।
लेकिन एक तरीका है जिससे सुई को (और लोहे की छोटी-छोटी अन्य चीजों को) पानी पर तैराया भी जा सकता है।
एक सोख्ता कागज (ब्लाटिंग पेपर) का टुकड़ा लो। अगर यह कागज नहीं मिले तो बहुत खुरदूरे अखबार के टुकड़े को भी आजमा सकते हो (ऐसा अखबार जिस पर लिखने से स्याही फेलने लगती है)। अब इस छोटी, हल्की चीज़ रखो। इस कागज को बहुत धीरे से पानी पर तैराना है, पानी की सतह को बहुत हिलाए बिना। जैसा चित्र में दिखाया है, एक कांटे या चपटी सतह वाली चम्मच या प्लेट की मदद से ऐसा किया जा सकता है। तैरता हुआ सोख्ता कागज थोड़ी देर में पानी सोख कर भारी हो जाएगा और नीचे डूब जाएगा, पर सुई तैरती रहेगी।

कितनी पेंसिलें ?



अपनी आँखें बन्द कर लो। अब अपने किसी दोस्त से कहो कि वह तुम्हें धीरे से पेंसिल की नोक से छुए, कभी एक पेंसिल से, कभी दो पेंसिलों से, दोनों पेंसिलें बहुत पास-पास पकड़ी जानी चाहिए। तुम्हारा दोस्त जब तुम्हें शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर छुए तो तुम्हें बताना है कि उसने एक पेंसिल से छुआ या दो से। वह तुम्हें इन जगहों पर छू सकता है- होंठ, पीठ, बाजू, उंगलियां, पैर, लातें।
क्या हुआ? क्या तुम हर बार सही-सही बता पाते हो कि पेंसिल एक थी या दो? तुम पाओगे कि तुम कई बार गलत बताते हो।

आवाज से मोमबत्ती बुझाना



आमतौर पर हम ध्वनि को आगे चलते देख नहीं सकते। लेकिन इस प्रयोग से तुम यह देख सकते हो कि ध्वनि हवा के जरिये कंपन की तरह आगे बढ़ती है। एक प्लास्टिक की बोतल का तला काट दो। अब एक पतले प्लास्टिक के लिफाफे का टुकड़ा काटकर उसे बोतल के इस खुले सिरे पर कस कर तान दो। रबड़ बैंड से इसे अच्छी तरह कस दो।

अब एक मोमबत्ती जलाओ। अब बोतल के मुंह को मोमबत्ती से करीब एक इंच दूरी पर रखो। अब प्लास्टिक की परत पर अपनी उंगलियों से जोर से थपथपाओ। मोमबत्ती की लौ को क्या हुआ?

ठंडी उंगलियाँ




एक बर्तन में कुछ बर्फ के टुकड़े डालो। बर्तन के बगल में कुछ चावल के दाने बिखरा दो। अब अपना एक हाथ इस बर्तन में डालो और धीरे से 30 तक गिनती गिनो। अब अपने हाथ को सुखाकर इन्हीं ठंडी उंगलियों से चावल के दानों को उठाने की कोशिश करो क्या हुआ?
तुम देखोगे कि चावल को उठाना कठिन होगा क्योंकि जब तुम्हारी चमड़ी ठंडी हो जाती है तो तुम्हारी छूने की क्षमता इतना अच्छा काम नहीं करती।

डोरी के जरिये सुनना



शायद तुमने सुना होगा कि ध्वनि तरंगें ठोस चीजों के जरिये आसानी से चल सकती हैं। इसे खुद महसूस करने के लिये यह प्रयोग करके देखो।

दो प्लास्टिक या कागज के कप (जैसे आइसक्रीम वाले) या माचिस की डब्बी के अंदर वाला हिस्सा लो। हर कप के चपटे बंद सिरे में एक छेद करो। इस छेद के जरिये एक डोरी पिरोकर उसमें एक गाँठ लगा दो।

अब एक कप को तुम पकड़ो और दूसरे को एक दोस्त को पकड़ा दो। डोरी किसी और चीज को न छुए।