बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए - बी. आर. अम्बेडकर

आवाज से मोमबत्ती बुझाना



आमतौर पर हम ध्वनि को आगे चलते देख नहीं सकते। लेकिन इस प्रयोग से तुम यह देख सकते हो कि ध्वनि हवा के जरिये कंपन की तरह आगे बढ़ती है। एक प्लास्टिक की बोतल का तला काट दो। अब एक पतले प्लास्टिक के लिफाफे का टुकड़ा काटकर उसे बोतल के इस खुले सिरे पर कस कर तान दो। रबड़ बैंड से इसे अच्छी तरह कस दो।

अब एक मोमबत्ती जलाओ। अब बोतल के मुंह को मोमबत्ती से करीब एक इंच दूरी पर रखो। अब प्लास्टिक की परत पर अपनी उंगलियों से जोर से थपथपाओ। मोमबत्ती की लौ को क्या हुआ?

ठंडी उंगलियाँ




एक बर्तन में कुछ बर्फ के टुकड़े डालो। बर्तन के बगल में कुछ चावल के दाने बिखरा दो। अब अपना एक हाथ इस बर्तन में डालो और धीरे से 30 तक गिनती गिनो। अब अपने हाथ को सुखाकर इन्हीं ठंडी उंगलियों से चावल के दानों को उठाने की कोशिश करो क्या हुआ?
तुम देखोगे कि चावल को उठाना कठिन होगा क्योंकि जब तुम्हारी चमड़ी ठंडी हो जाती है तो तुम्हारी छूने की क्षमता इतना अच्छा काम नहीं करती।

डोरी के जरिये सुनना



शायद तुमने सुना होगा कि ध्वनि तरंगें ठोस चीजों के जरिये आसानी से चल सकती हैं। इसे खुद महसूस करने के लिये यह प्रयोग करके देखो।

दो प्लास्टिक या कागज के कप (जैसे आइसक्रीम वाले) या माचिस की डब्बी के अंदर वाला हिस्सा लो। हर कप के चपटे बंद सिरे में एक छेद करो। इस छेद के जरिये एक डोरी पिरोकर उसमें एक गाँठ लगा दो।

अब एक कप को तुम पकड़ो और दूसरे को एक दोस्त को पकड़ा दो। डोरी किसी और चीज को न छुए।

जीवन अनमोल है


धूमकेतु


  • सौरमण्डल के छोर पर बहुत ही छोटे–छोटे अरबों पिण्ड विद्यमान हैं, जो धूमकेतु (Comet)या पुच्छल तारा कहलाते हैं।
  • Comet शब्द, ग्रीक शब्द komētēs से बना है जिसका अर्थ होता है Hairy one बालों वाला। यह इसी तरह दिखते हैं इसलिये यह नाम पड़ा।
  • धूमकेतु या पुच्छल तारे ( Comet ), चट्टान ( Rock ), धूल ( Dust ) और जमी हुई गैसों ( Gases ) के बने होते हैं। सूर्य के समीप आने पर, गर्मी के कारण, जमी हुई गैसें और धूल के कण सूर्य से विपरीत दिशा में फैल जाते हैं और सूर्य की रोशनी परिवर्तित कर चमकने लगती हैं। इस समय इनकी आकृति को दो मुख्य भागों, सिर तथा पूँछ में बांट सकते हैं। सिर का केंद्र अति चमकीला होता है। यह इसका नाभिक ( Nucleus ) कहलाता है। सूर्य की विपरीत दिशा में बर्फ़ और धूल का चमकीला हिस्सा पूँछ की तरह से लगता है। इसे कोमा ( Coma ) कहा जाता है। यह हमेशा सूर्य से विपरीत दिशा में रहता है। धूमकेतु की इस पूँछ के कारण इसे पुच्छल तारा भी कहते हैं।

ग्रामोफ़ोन


(अंग्रेज़ी: Gramophone) ग्रामोफ़ोन एक वैज्ञानिक उपकरण है। ग्रामोफ़ोन का आविष्कार टी. ए. एडिसन द्वारा वर्ष 1876 में किया था। ग्रामोफ़ोन ध्वनि उत्पन्न करनेवाला एक उपकरण है, जो एक सूई के दोलनों को वायु में संचारित कर ध्वनि उत्पन्न करता है।

अशोक चिह्न



भारत का राष्‍ट्रचिह्न सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है, जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। मूल स्तंभ में शीर्ष पर चार सिंह हैं, जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं। इसके नीचे घंटे के आकार के पद्म के ऊपर एक चिह्न वल्लरी में एक हाथी, चौकड़ी भारता हुआ एक घोड़ा, एक सांड तथा एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियां हैं, इसके बीच-बीच में चक्र बने हुए हैं। एक ही पत्थर को काटकर बनाए गए इस सिंह स्तंभ के ऊपर क़ानून का चक्र 'धर्मचक्र' रखा हुआ है।

चुम्बक

(अंग्रेज़ी:Magnet) लगभग 600 ई.पू. एशिया माइनर के 'मैगनीशिया' नामक स्थान में कुछ ऐसे पत्थर पाये गये, जिनमें लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों को अपनी ओर आकर्षित करने के गुण मौजूद थे। ये पर्थर लोहे के एक ऑक्साइड 'मैगनेटाइट' (Fe3O4) के थे। चूंकि ये पत्थर मैगनीशिया नामक पर पाये गये, इसलिए इन्हें 'मैगनेट' कहा जाने लगा। 

मातृ दिवस


मां को खुशियाँ और सम्मान देने के लिए पूरी ज़िंदगी भी कम होती है। फिर भी विश्व में मां के सम्मान में मातृ दिवस (Mother's Day) मनाया जाता है। मातृ दिवस विश्व के अलग - अलग भागों में अलग - अलग तरीकों से मनाया जाता है। परन्तु मई माह के दूसरे रविवार को सर्वाधिक महत्त्व दिया जाता है। हालांकि भारत के कुछ भागों में इसे 19 अगस्त को भी मनाया जाता है, परन्तु अधिक महत्ता अमरीकी आधार पर मनाए जाने वाले मातृ दिवस की है, अमेरिका में यह दिन इतना महत्त्वपूर्ण है कि यह एकदम से उत्सव की तरह मनाया जाता है।