बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए - बी. आर. अम्बेडकर

पक्षियों को क्यों नहीं लगता करेंट ?



आम तोर पर बिजली के खंभों वाली तारो पर हम कबूतरों, चिड़िया आदि पशियो को बैठे देखते है येसे में बरबस ही सवाल उठता है की प्रवाहित तारो पर बैठे होने के बावजूद इन्हें करेंट क्यों नहीं लगता ?

इसके लिए हमें यह जानना जरुरी हो जाता है की करेंट होता क्या है और कैसे लगता है? 
उच्च वोल्टेज लाइनों के साथ संपर्क में आने से शरिर के माध्यम से विघुत धारा के प्रवाहित हो जाने पर एक जबरदस्त अभिघात होता है.

 फलस्वरूप जलने और हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है. 

इस स्थिति में करेंट की चपेट में आने वाले जीव की मुत्यु भी हो जाती है.  जीवों का शरीर विघुत का सुचालक होता है. 

हमारे शरीर में नाभि क्यों?

दोस्तों आज का लेख बहुत दिनों बाद लिख रहा हु....
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क्या कभी हमने सोचा है की हमारे शरीर में नाभि क्यों होती है?  बच्चा जब माँ के गर्भ में होता है तब उसको अपनी वृध्दि के लिए आक्सीजन, भोजन आदि की आवश्यकता होती है  

बच्चा माँ के पेट के एक प्लेसेंटा या जेर में बंद रहता है और उससे एक नली जुडी होता है. 

इस नली द्रारा बच्चा अपनी माँ से पचा हुआ भोजन और आक्सीजन लेता है. 
दूसरी और बच्चे के शरीर में बनने वाले व्यर्थ पदार्थ आदि भी इसी नली द्रारा माँ के शरीर में भेजे जाते है.. 

कन्या भ्रूण हत्याये देश की कमजोरी

दोस्तों, आज का लेख थोडा खास है.. आज में आप को कन्या भ्रूण हत्या  के बारे में  कुछ चित्र दिखाना चाहता हु .
यह सभी चित्र मेरे भाई सुमित विन्चुरकर इन्होने मुझे दिए हुए थे .. मैं सुमित विन्चुरकर का आभार वक्त करता हु की उसने मुझे इतने सुन्दर चित्र दिए.... हम सभी को कन्या भ्रूण हत्या के विषय में जागृत होना चाहिए....लडकिया हमारे देश की शान, आन, पहचान है....
आज की नारी किसी भी हाल में कमजोर नहीं है... फिर क्यों आज भी बड़ी मात्रामे कन्या भ्रूण हत्याये हो रही है...
तो फिर आओ हम सब ये कन्या भ्रूण हत्या का विरोध करे ........


नये साल का पोस्ट पहिले महिलाओ में नाम

 आप सभी को नये साल की हार्दिक शुभकामना नये साल  का पोस्ट पहिले महिलाओ के नाम जीनोने अपने देश  का नाम सबसे पहले रोशन किया.....


१. भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी का नाम
दुर्गा 

२. नासा अंतरिक्ष वैज्ञानिक कल्पना चावला इस वर्ष शहीद हुई.
२००३

३. 'लीलावती' नामक विज्ञान ग्रन्थ जिस सदी में लिखा गया वह थी.?
११वी सदी 

४. 'विच ऑफ़ अग्नेसी ' किस वैज्ञानिक के सम्मान में कहते है?
मारिया जी अग्नेसी 

॥ नित्यपाठ ॥

॥ नित्यपाठ ॥


श्री गणेश स्तवन

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटीसमप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥१॥
श्री महागणपतये नम:।निर्विघ्नमस्तु ॥

किसने किया परमाणु बम का अविष्कार ?


परमाणु बम के बारे में हम कई बार सुनते है, पढ़ते है, इससे कितना विनाश हो सकता है, यह भी हम समझ सकते है.  

परमाणु बम के बारे में पढ़ते या सुनते समय हमारे जेहन में यह सवाल उठाना स्वाभाविक है की यह खतरनाक अविष्कार कब और किसने किया होगा. इसका पहला परिक्षण कहा हुआ होगा.?

दो अगस्त १९३९ को दुसरे विश्वयुध्द के ठीक पहले जाने - माने वैज्ञानिक अलबर्ट आइन्स्टाइन  ने अमेरिका के राष्ट्रपति फ्रैकलिन डी रूजवेल्ट को एक पत्र लिखा था. 

राज सूरज के धधकने का


क्या आप जानते है की ब्रम्हांड ऑक्सीजन विहीन है और किसी भी चीज के जलने के लिए ऑक्सीजन सबसे जरुरी होता है.  फिर भला ऑक्सीजन विहित ब्रम्हांड में भी सूरज में बरसों से आग कैसे धधक रही है.

दरअसल, किसी भी चीज के जलने की लिए सारी प्रक्रिया किसी एक इधन (तेल, कोयला, लकड़ी,) तथा ऑक्सीजन के बिच ही होती है.

लेकिन सूरज में आग का धधकना इन प्रक्रियाओ से बिलकुल भिन्न होता है.

धुल भी बड़े काम की है.

धुल

धुल के विषय में अक्सर जो लोग नहीं जानते उनकी यही धरना होती है की यह हमारे किसी काम नहीं आती जबकि धुल हमारे लिए बहुत उपयोगी है. 

लेकिन इसकी उपयोगिता समज़ने से पहले यह जानना जरुरी है की धुल आखिर है क्या और यह पैदा कैसे होती है?

धुल सिर्फ मिटटी नहीं होती, वास्तव में प्रत्येक ठोस पदार्थ बहुत ही सुष्म कणों से मिलकर बनता है.